प्रेम एक ऐसी चीज है जो हारे हुए व्यक्ति को भी जीता देती है। लेकिन घृणा एक पूरी तरह से सफ़ल हुए व्यक्ति को भी नीचे गिरा देती है।

कविता- एक लड़की >> जी.एल. चित्रकूटी


 बड़ी बेरहमी से पीटी जा रही थी 

एक लड़की 

शिकारी को अत्यंत थका देने के बाद

पीटा जाता है जैसे

 एक मासूम हिरण

एक डण्डा बाप के हाथ में था

एक भाई के

और अनेक डण्डे अन्यत्र हाथों से लगे

बड़े आक्रोश में बरस रहे थे 

उस निरीह बच्ची के ऊपर।

जैसे खुले आसमान में बंधे किसी शरीरधारी पर

 बरसात में पटापट

 बरसते हैं बेरहम ओले

मुझे तरस आता है उस पेड़ पर

जिस पर मारने के बाद 

लटका दी गयी वह निर्दोष बच्ची!

कितना अभागा रहा होगा वह पेड़

और जनता?

बहुत सभ्य 

सुसंस्कृत लग रही थी वह 

बेहद शालीनता से देख रही थी 

सारी जनता 

उस त्रासदीपूर्ण भयानक दृश्य को

और कर रही थी स्वयं के बचने का उपाय

फिर मुंह घुमाकर

बड़ी चतुराई से

अपनी अनुपस्थिति जताकर

मुक्त हो गयी अपने दायित्व से!

शोसल मीडिया ने वीडियो साझा किया

मीडिया ने दिखाया

पुलिस प्रशासन ने शख्त हिदायत दी

आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की!

और मुक्त हो गये सभी

 अपने अपने दायित्व से!

सोच रहा हूं 

एक कविता लिखकर 

मैं भी मुक्त हो लूं

अपने दायित्व से!

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