प्रेम एक ऐसी चीज है जो हारे हुए व्यक्ति को भी जीता देती है। लेकिन घृणा एक पूरी तरह से सफ़ल हुए व्यक्ति को भी नीचे गिरा देती है।

डर कर मौत को गले लगाना क्यों - गुरदीप सिंह सोहल

 डर कर मौत को गले लगाना क्यों। 

मर के मसला कभी हल नहीं होता।।

जंग जिंदगी का ताउम्र जारी रखना।

रब्ब का फैसला कभी अटल नही होता।

अच्छा नहीं होता हमेशा जीवन में।

बुरा सबका भी कभी कल नहीं होता।।

ईमानदारी लगन से कर्म किए जा।

मेहनत से भी कभी छल नहीं होता।।

कितनी ही मुसीबत आ जाए सफर में। 

डटे रहना कभी फिसल नहीं होता।। 

गम के सागर में डोले खुशी की नैया। 

बीच भंवर में कभी तल नहीं होता।। 

हालात से लड़ना सबका मकसद है।

इनसे डरना कभी निकल नहीं होता।।

शाहे सवार ही गिरते हैं मैदाने जंग में।

गिर कर भी कभी बेअक्ल नहीं होता। 

कोशिश करने वाले कभी हारे नहीं। 

वक्त का पहिया कभी अचल नहीं होता।।

सोहल युद्ध कर हर रात दिन हर पल।

खुदा कभी दूर इक पल नहीं होता।।

गुरदीप सिंह सोहल Retd AAO PWD हनुमानगढ़ जंक्शन  (राजस्थान)

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