रक्तदान करने के लिए प्रोत्साहित करता है विश्व रक्तदाता दिवस, जानें थीम, इतिहास और महत्व

 

विश्व रक्तदाता दिवस 2021 : हर साल 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस यानी वर्ल्ड ब्लड डोनर डे (World Blood Donor Day) मनाया जाता है. रक्तदान (Blood Donation) के प्रति लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है. पहली बार साल 2004 में विश्व रक्तदाता दिवस मनाया गया था, जिसकी शुरुआत वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (World Health Organization) ने की थी. यह दिवस सुरक्षित रक्त की आवश्यकता और जीवन रक्षक उपहार के तौर पर स्वैच्छिक रक्तदाताओं के महत्वपूर्ण योगदान के बारे में जागरूकता बढ़ाता है. दरअसल, समय पर रक्त उपलब्ध न होने पर कई मरीज दम तोड़ देते हैं, ऐसे में रक्तदान ऐसे लोगों के लिए जीवनदान बन सकता है, इसलिए लोगों को इसके महत्व से रूबरू कराने के लिए वर्ल्ड ब्लड डोनर डे मनाया जाता है.


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विश्व रक्तदाता दिवस 2021 थीम 

हर साल विश्व रक्तदाता दिवस को एक विशेष थीम के साथ मनाया जाता है, जो उन निस्वार्थ नागरिकों को समर्पित है जो अज्ञात लोगों के लिए अपनी स्वेच्छा से रक्तदान करते हैं. साल 2021 के लिए 'रक्त दो और दुनिया को धड़काते रहो' (Give Blood and Keep The World Beating) निर्धारित किया गया है. संदेश में जिंदगी बचाने और दूसरों के स्वास्थ्य में सुधार करके दुनिया को स्पंदित रखने के लिए रक्तदाताओं के आवश्यक योगदान पर प्रकाश डाला गया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन की वेबसाइट के अनुसार, यह दुनिया भर में अधिक से अधिक लोगों को नियमित रूप से रक्तदान करने और बेहतर स्वास्थ्य में योगदान करने के लिए वैश्विक आह्वान को पुष्ट करता है.

विश्व रक्तदाता दिवस का इतिहास

दरअसल, 14 जून 1868 को नोबल प्राइज विजेता कार्ल लैंडस्टीनर (Karl Landsteiner) का जन्म हुआ था. ये वो साइंटिस्ट थे, जिन्हें ब्लड ग्रुप सिस्टम खोजने का श्रेय प्राप्त है. ब्लड ग्रुप का पता लगाने वाले कार्ल लैंडस्टीनर के जन्मदिन पर ही विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जाता है. लैंडस्टीनर को एबीओ रक्त समूह प्रणाली की खोज के लिए फिजियोलॉजी के लिए प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.

विश्व रक्तदाता दिवस का महत्व

विश्व रक्तदाता दिवस अपनी स्वेच्छा से रक्तदान करके किसी का जीवन बचाने वाले लोगों को धन्यवाद देने और नियमित तौर पर रक्तदान के प्रति लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है. सुरक्षित रक्त जीवन बचाने वाली आवश्यक चिकित्सीय जरूरतों में से एक है और सभी प्रकार की आपात स्थितियों (प्राकृतिक आपदा, दुर्घटना, सशस्त्र संघर्ष) के दौरान इलाज में अहम भूमिका निभाता है. रक्त की अहमियत और रक्तदान के महत्व से हर किसी को रूबरू कराने के लिए ही विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जाता है.

स्रोत: Letest LY

विश्व रक्तदाता दिवस को समर्पित

 गुरदीप सिंह सोहल Retd AAO PWD हनुमानगढ़ जंक्शन (राजस्थान) की रचना 

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खुश रहना है तो रक्त दान किया करो।  

खुश रहना है तो वक्त दान किया करो।  

मरते को बचा लो अपने प्राण देकर। 

खुश रहना है तो मुस्कान दिया करो। 

गीली मिट्टी जमीन की खोज कर लो।    

खुश रहना है तो दरख्त दान किया करो।  

आप सबके पास खुशियां भी बहुत हैं।  

यूं ही न इन पर अभिमान किया करो।    

अपनी खातिर तो सब जीया करते हैं।  

औरों पर भी तो एहसान किया करो।    

लूटना बंद कर दो बेबस दीन हीन को।   

यूं ही न किसी का रक्तपान किया करो। 


भटकते रहना क्यों गम के समंदर में।    

हंसने का कोई अरमान किया करो।        

गम की दुनियां में खुश रहना सीखो। 

मुस्कुराने का भी फरमान किया करो।      

बांट लो दुख दर्द किसी दुखियारे का।    

हर वक्त न अपना बखान किया करो।    

मनन करो दुनियां में कितने दुखी हैं।  

अपने दुख का न अनुमान किया करो।  

सिर्फ अपनी खातिर ही जीना नहीं है।  

किसी के लिए भी तो जान दिया करो। 

ज्यादा वक्त ज्यादा रक्त बाहर कर दो।    

हिसाब काम आएगा जान लिया करो। 

सोहल नाड़ी का चलना जीना नहीं है।    

कभी तो कुछ तो समाधान किया करो।    

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