आजादी की लहर - पवन शर्मा जैतसीसर (चूरु)

आजादी की लहर


 आजादी की लहर आई थी।
मानो उन गोरो के लिए 
मुसीबतों कहर  का लाई थी।
अरे उन वीरों का साहस ही 
कुछ ऐसा था ना कभी रुके 
ना कभी झुके ,वो वह तो सिर्फ
आजादी खातिर आगे बढ़े।
अरे उनमें तो आजादी का जुनून 
ही कुछ ऐसा था कि वो
आखिरी सांस तक लड़े।
और दुशमनों पर भारी पड़े।
ऐसे वीरों को में सलाम करता हूं।
मात्र भूमि के सच्चे सपुतो को
प्रणाम करता हूं।

जय हिन्द जय भारत

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